Mohammad Siraj
"जब पहली बार सिराज के खाते में करोड़ों की IPL सैलरी आई — तो मां ने कहा: 'बेटा नए घर का सपना पूरा कर लो।’ लेकिन अब्बा की एक बात दिल में लग गई…
उन्होंने कहा:
‘बेटा, जो तू खा रहा है, वो मोहल्ले में 45 लोग नहीं खा पा रहे हैं… अल्लाह ने तुझ पर रहमत की है, तुझे ज़रूरतमंदों की ज़िम्मेदारी उठानी होगी।’
सिराज ने ना घर लिया, ना गाड़ी…
पहली कमाई से 45 गरीब परिवारों में राशन बंटवाया।
आज भी हर ईद पर चुपचाप उनके घर में सेवइयां भिजवाता है —
कभी तस्वीर नहीं डाली, कभी शोहरत नहीं चाही।
बस अब्बा की बात निभा रहा है…"

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